पिंक फेस्ट में उभरी राजस्थानी भाषा मान्यता की पीड़ा व संवेदनाएं, साहित्यकारों ने रखी भाषा की ठसक नक्से सूं मिटता गया नांव, म्हारा गांव बणग्या हिरोशिमा अर नागासाकी-बिजारणियां तूं ही बता नहर, हम पानी लाए थे कि जहर -रूंख लूणकरणसर, (श्रेयांस बैद):राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित ‘पिंक फेस्ट’में राजस्थानी भाषा की मिठास और साहित्य … Read more

