लूणकरणसर की बेटी विशाखा पारीक ने संसद में किया गुजरात का प्रतिनिधित्व, अंबेडकर जयंती पर रखे विचार
लूणकरणसर (श्रेयांस बैद):भारतीय संसद के केंद्रीय कक्ष (Central Hall) में बोलना और पूरे गुजरात राज्य का प्रतिनिधित्व करना न केवल पारीक समाज के लिए, बल्कि लूणकरणसर,राजस्थान और सूरत, गुजरात दोनों प्रदेशों के लिए गर्व का विषय है।


बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती जैसे ऐतिहासिक अवसर पर अपने विचार रखना विशाखा की योग्यता और उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है।
इस उपलब्धि का मुख्य बिंदु विशाखा ने राष्ट्रीय स्तर पर समस्त गुजरात का प्रतिनिधित्व नेतृत्व किया।

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भारतीय लोकतंत्र की संसद के केंद्रीय कक्ष में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 135वीं जयंती (14 अप्रैल 2026) को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विशाखा के दादा श्याम लाल पारीक ने कहा कि बेटियां जब अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर संसद जैसे मंचों तक पहुँचती हैं, तो वे आने वाली पूरी पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन जाती हैं।

पारीक समाज की इस बेटी ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो हमारी बेटियां देश के सर्वोच्च शिखर पर चमक सकती हैं।

समाज के प्रबुद्ध जन ने खुशी जाहिर की है।
लूणकरणसर की बेटी विशाखा पारीक ने संसद में किया गुजरात का प्रतिनिधित्व, अंबेडकर जयंती पर रखे विचार




