Bikaner : ईसर,गणगौर की निकली सवारी, पूजा अर्चना कर महिलाओं ने खोला व्रत
बीकानेर (श्रेयांस बैद):बीकानेर के शहरी एवं देहात क्षेत्र में गणगौर उत्सव परवान पर रहा जहां महिलाओं, युवतियों ने सिर पर गवर रख कर उनको नगर की परिक्रमा करवाई ।
दूसरी ओर प्रसिद्ध चांदमल ढ़ढा की गणगौर जो पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने पर शुरू की गई थी।

दुनिया की सबसे महंगी गणगौर मानी जाने वाली जो करोड़ों के हीरों और सोने के आभूषणों से सजी होती है के दर्शनार्थ शहर उमड़ पड़ा।
ये गौरतलब है देशनोक से आकर बसे सेठ उदयमल ढ़ढा के कोई पुत्र नहीं था। उनकी पत्नी ने मन्नत मांगी कि पुत्र होने पर ही वे गणगौर के दर्शन करेंगी मान्यता के अनुसार, गणगौर माता की कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसका नाम ‘चांदमल’ रखा गया इस खुशी में तब से हर साल ढ़ढा परिवार द्वारा भव्य गणगौर निकाली जाती है।
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गणगौर को सिर पर बोर, नथ, हीरा जड़ी बिंदी, तिमणिया, चंद्रहार, पायल व भुजबंद जैसे कीमती जेवर पहनाए जाते हैं।
यह गणगौर बीकानेर के ढ़ढ़ों के चौक में पाटे पर विराजमान की जाती है और इसे ‘मंशापूर्ण गणगौर’ भी माना जाता है
पारस बोथरा ने बताया कि आज पूजा अर्चना के दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ बी ड़ी कल्ला भी पहुंचे जहां उन्होंने प्रसाद वितरण में भाग लिया ।

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