“World AIDS Day : भीलवाड़ा में 5 बड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, एड्स बचाव व नशा मुक्ति पर दिया संदेश
भीलवाड़ा। (पंकज पोरवाल) World AIDS Day के अवसर पर भीलवाड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, लिंक वर्कर स्कीम, ART सेंटर और TI इकाइयों के संयुक्त सहयोग से कई व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश गुर्जर ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं में एचआईवी/एड्स सुरक्षा, रोकथाम और नशा मुक्ति का संदेश पहुँचाना था।
पूरे जिले में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह सिद्ध किया कि एचआईवी जागरूकता केवल स्वास्थ्य से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक विकास, मानसिक स्वास्थ्य और परिवारिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण मुद्दा है।

⭐ कन्या महाविद्यालय में एचआईवी जागरूकता व्याख्यान: छात्राओं को विस्तृत जानकारी
सेठ मुरलीधर मानसिंहका राजकीय कन्या महाविद्यालय में एनएसएस की चारों इकाइयों द्वारा एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. सावन कुमार जांगिड की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप कटारिया और जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी हरलाल मीणा मुख्य वक्ता रहे।
दोनों विशेषज्ञों ने छात्राओं को निम्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी:
एचआईवी संक्रमण के प्रमुख कारण
टीबी के लक्षण और एचआईवी से संबंध
ART दवाओं का महत्व
CD-4 जांच क्यों आवश्यक है
भ्रांतियाँ और मिथक
एड्स से बचाव के वैज्ञानिक उपाय
समय पर जांच और इलाज का महत्व

🎯 पीपीटी प्रस्तुति और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
IPECS संस्था से मुस्कान लुधानी ने प्रभावशाली PPT के माध्यम से एचआईवी रोकथाम पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इसके बाद छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
हरलाल मीणा ने बताया कि एचआईवी/एड्स संबंधी किसी भी जानकारी के लिए देशभर में टोल-फ्री नंबर 1097 उपलब्ध है।
⭐ नशा मुक्ति व्याख्यान: युवा पीढ़ी को दिया जीवन-सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के सहयोग से नशा मुक्ति विषय पर प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया गया।
हरलाल मीणा ने छात्राओं को बताया:
> “नशा स्वास्थ्य, परिवार, पढ़ाई और भविष्य—चारों को नष्ट कर देता है। नशा कोई समाधान नहीं, बल्कि विनाश की शुरुआत है।”
उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर समाज में जागरूकता फैलाने की प्रेरणा दी।
प्राचार्य प्रो. जांगिड ने कहा कि एचआईवी और नशा—दोनों सामाजिक चुनौतियाँ हैं और इनसे लड़ने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है।
कार्यक्रम में एनएसएस अधिकारी रीना सालोंदिया,गौरव कारवाल, रेखा सेन,अमित शर्मा,कलावती,योगेश कुमार सहित कई अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजली अग्रवाल और धन्यवाद ज्ञापन कृष्ण कुमार मीणा ने किया।
⭐ कोदूकोटा गांव में एचआईवी स्क्रीनिंग कैंप: ग्रामीणों को जागरूक करने की पहल
World AIDS Dayपर लिंक वर्कर स्कीम के तहत कोदूकोटा गांव के बस स्टैंड पर एचआईवी स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किया गया।
यहाँ कुल 28 ग्रामीणों की जांच की गई।
इसके साथ ही लोगों को बताया गया:
एचआईवी संक्रमण कैसे होता है
सुरक्षित व्यवहार क्या है
संक्रमण रोकने के उपाय
परीक्षण और उपचार की सरकारी सुविधाएँ
ART सेंटर की भूमिका
गांव में यह कैंप एचआईवी जागरूकता की दृष्टि से बेहद प्रभावी रहा।

⭐ मेडिकल कॉलेज में IEC प्रदर्शनी: पोस्टर, मॉडल और परामर्श से युवाओं को जागरूक किया गया
एआरटी सेंटर की ओर से मेडिकल कॉलेज के ओपीडी परिसर में IEC (Information, Education & Communication) Exhibition लगाई गई।
इसमें शामिल थे:
एचआईवी/एड्स से संबंधित पोस्टर
शैक्षणिक मॉडल
रोकथाम संबंधी चार्ट
ART दवाओं की जानकारी
विशेषज्ञों द्वारा परामर्श
सैकड़ों विद्यार्थियों और मरीजों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उन्हें बताया गया कि समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार और ART दवाओं का लगातार सेवन एचआईवी नियंत्रण का मुख्य आधार है।
⭐ मुरारका शूटिंग लिमिटेड में स्वास्थ्य जांच शिविर: माइग्रेंट श्रमिकों को दी गई जागरूकता
TI गम्स इकाई ने मुरारका शूटिंग लिमिटेड (रीको फेज सेकंड) में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया।
इसमें माइग्रेंट श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के साथ साथ उन्हें बताया गया:
एचआईवी संक्रमण से बचाव
सुरक्षित व्यवहार की आदतें
ART सेंटर की सेवाएँ
नशे से होने वाले दुष्प्रभाव
व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व
श्रमिकों ने इस जागरूकता को बेहद उपयोगी बताया, क्योंकि माइग्रेंट समुदाय अक्सर जोखिम वाले समूहों में आता है।
⭐ विश्व एड्स दिवस: जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
इन सभी कार्यक्रमों का मुख्य संदेश यह रहा कि—
✔️ एचआईवी से बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार है
✔️ समय पर जांच जीवन बचाती है
✔️ नशा—एचआईवी संक्रमण और सामाजिक समस्याओं का बड़ा कारण है
✔️ समाज का समर्थन और जागरूकता भेदभाव को खत्म कर सकती है
भीलवाड़ा जिले के इन जागरूकता कार्यक्रमों ने यह संदेश स्पष्ट किया कि एचआईवी/एड्स केवल चिकित्सकीय मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।
“World AIDS Day : भीलवाड़ा में 5 बड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, एड्स बचाव व नशा मुक्ति पर दिया संदेश


