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आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनने वाला यह चूर्ण न केवल भोजन को सही तरीके से पचाने में मदद करता है, बल्कि पेट की गैस, एसिडिटी, अफारा और कब्ज जैसी समस्याओं को भी कम करता है।

खराब डाइट और खराब लाइफस्टाइल की वजह से पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. जाहिर है सही समय पर भोजन न करना, जंक फूड का सेवन, तनाव, नींद की कमी और पानी कम पीना जैसी आदतें पेट की हजम क्रिया को कमजोर कर देती हैं।
आजकल हर दूसरा व्यक्ति भोजन ठीक से नहीं पचने, गैस, अफारा, एसिडिटी, कब्ज, बवासीर जैसी प्रॉब्लम से पीड़ित है। इन समस्याओं को नजरअंदाज करने से ये गंभीर रूप भी ले सकती हैं। पेट और पाचन की समस्याओं के लिए हर बार दवा खाना सही नहीं है, इससे आपको आगे चलकर नुकसान हो सकते हैं।
ऐसे में पेट की हजम क्षमता बढ़ाने और उसे मजबूत बनाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। देश के जानेमाने आयुर्वेद डॉक्टर दीपक कुमार आपको आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बने एक चूर्ण के बारे में बता रहे हैं पाचन क्रिया को मजबूत कर सकता है। इतना मजबूत कि इसे लकड़ी हजम और पत्थर हजम जैसी स्थिति कहा जाता है।
पेट के लिए असरदार चूर्ण
डॉक्टर ने बताया कि कई लोग उनसे अक्सर पूछते हैं कि ऐसा कौन सा चूर्ण है जो पेट को लकड़ी हजम और पत्थर हजम जैसी मजबूत स्थिति दे सके। पेट की खराब हजम प्रक्रिया या गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं में यह चूर्ण बहुत मददगार साबित हो सकता है। इसे बनाने और उपयोग करने का तरीका बहुत सरल है।
चूर्ण बनाने की सामग्री और तरीका
इस चूर्ण को बनाने के लिए आपको निम्न चीजों की आवश्यकता होगी- अजवायन, जीरा, मेथी, सौंफ, हींग और काला नमक – प्रत्येक 50 ग्राम। इन सभी चीजों को हल्का सा भूनें और फिर पीसकर पाउडर तैयार कर लें। इस पाउडर को आप एक साफ और एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं ताकि यह लंबे समय तक ताजा रहे।
सेवन का तरीका
अगर आपको हमेशा भूख नहीं लगती या भूख बहुत कम है, तो भोजन से आधे घंटे पहले 1 चम्मच चूर्ण लें। इसे दिन में 2–3 बार गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए। यह तरीका पेट को सही तरीके से तैयार करता है और हजम प्रक्रिया को मजबूत बनाता है।
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पेट की गैस, एसिडिटी या कब्ज के लिए
यदि आपको पेट में अफारा, गैस, एसिडिटी या कब्ज की समस्या रहती है, तो भोजन के बाद 1 चम्मच चूर्ण लें। इसे गरम पानी के साथ लेना चाहिए। इस तरह यह चूर्ण पेट की समस्या को कम करता है, हजम क्रिया को मजबूत बनाता है और शरीर को आराम देता है।
चूर्ण के फायदे
इस चूर्ण के नियमित सेवन से पेट की हजम प्रक्रिया इतनी मजबूत हो जाती है कि इसे लकड़ी हजम और पत्थर हजम जैसी स्थिति कहा जाता है। यह न केवल भोजन को सही तरीके से पचाने में मदद करता है, बल्कि पेट में गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को भी दूर करता है।


