Thar Sustainability Summit: देश–विदेश के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, इको सिस्टम और डेजर्ट टूरिज्म पर किया मंथन
बीकानेर (श्रेयांस बैद)‘वेदांता–टूर डी थार’ की पूर्व संध्या पर शनिवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित थार सस्टेनेबिलिटी समिट में देश और दुनिया के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, थार इकोसिस्टम, बायोडायवर्सिटी, हेरिटेज और डेजर्ट टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत मंथन किया। यह समिट केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की पहल पर आयोजित हुई।
🌍 जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण अनुकूलन पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की प्रस्तुति
समिट की शुरुआत फ्रांस के पियर गर्बाड द्वारा क्लाइमेट चेंज और पर्यावरण अनुकूलन पर व्याख्यान से हुई।

इसके बाद सस्टेनेबिलिटी स्टोरी टेलर एलिना मर्लिन ने मरुस्थल क्षेत्र में बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए।
इन सत्रों में केंद्रीय मंत्री मेघवाल के विज़न के अनुसार
थार सस्टेनेबिलिटी
डेजर्ट टूरिज्म की संभावनाएँ
जलवायु परिवर्तन के सामाजिक–आर्थिक प्रभाव
पर विस्तृत चर्चा हुई।
🏛 “हेरिटेज एंड आइडेंटिटी: बीकानेर थ्रू द एजेस” पर व्याख्यान
अगला सत्र स्वामी समानंद गिरि और डॉ. विमल कुमार गहलोत को समर्पित था।
स्वामी समानंद ने बीकानेर की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्य पर प्रकाश डाला,
जबकि डॉ. गहलोत ने शहर की
ऐतिहासिक पहचान
सांस्कृतिक धरोहर
मरुस्थलीय समाज के विकास
पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
🌱 थार की बायोडायवर्सिटी और जलवायु चुनौतियाँ पर चर्चा
“क्लाइमेट चेंज एंड बायोडायवर्सिटी ऑफ द थार” विषय पर
मौसम वैज्ञानिक लक्ष्मण सिंह राठौड़
पर्यावरण विशेषज्ञ सौरभ सर्राफ
ने थार के संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र, बदलते जलवायु पैटर्न और भविष्य की चुनौतियों पर महत्वपूर्ण तथ्य रखे।
🎭 संस्कृति, कला और पर्यटन के सामाजिक–आर्थिक विज़न पर अंतरराष्ट्रीय पैनल चर्चा
“कल्चर, आर्ट एंड टूरिज्म: सोशियो–इकॉनॉमिक विज़न फ़ॉर बीकानेर” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में
स्विट्ज़रलैंड स्थित समाज वैज्ञानिक डॉ. रश्मि राय रावत ने बीकानेर की
कला
परंपरा
हेरिटेज
और क्रिएटिव इकोनॉमी
की संभावनाओं पर विचार रखे।
इस दौरान
✔ हेरिटेज संरक्षण
✔ मरुस्थलीय जीवन
✔ कला–संस्कृति
✔ और पर्यटन विकास
से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत मंथन हुआ।

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👥 अन्य वक्ता और आयोजन प्रबंधन
आईसीएआर–सीआईएएच के निदेशक (उद्यानिकी) डॉ. जगदीश राणा ने मरुस्थलीय कृषि–उद्यानिकी के महत्व पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम की रूपरेखा और वक्ताओं का परिचय समन्वयक श्री गणेश गुड़ी ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम जैन ने किया।
समिट में
डॉ. नितिन गोयल, डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली, गिरिराज खेरीवाल, गोपाल जोशी, अभिषेक गौतम, गणेश सियाग सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
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