मृत्यु के बाद भी करें जीवन का प्रकाश – नेत्रदान है सच्चा मानवता का प्रयास।”
जाते जाते भी छोड़ गए दुनिया में उजाला, किया नेत्रदान निराला।।

पुण्य कार्य – नेत्रदान
श्रद्धा की प्रतिमूर्ति श्रीमती शुभीदेवी तातेड़, पत्नी स्वर्गीय श्री सम्पतमल जी तातेड़ निवासी आड़सर बास, श्रीडूंगरगढ़ का दिनांक 17 अक्टूबर 2025 को स्वर्गवास हो गया। उनकी आयु 83 वर्ष थी।

उनके परिवारजनों ने महान मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए, स्वर्गीय शुभीदेवी तातेड़ जी के नेत्रदान का निर्णय लिया। यह पुण्य कार्य आई बैंक, प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर के माध्यम से संपन्न हुआ। इस प्रेरणादायक कार्य में तेरापंथ युवक परिषद, श्रीडूंगरगढ़ का विशेष सहयोग रहा। इस पुनीत कार्य के लिए परिवार को प्रेरणा विक्रम मालू (अध्यक्ष) एवं सुमित बरड़िया (सहमंत्री) द्वारा दी गई।
नेत्रदान के लिए सहमति देने वाले पारिवारिक सदस्य —
राजकुमार-सरितादेवी, मनोज कुमार-रेखादेवी, राकेश कुमार-बबीतादेवी, दीपक कुमार-मधुदेवी।
इस पुण्य कार्य के संयोजक रहे अशोक झाबक (तेरापंथ युवक परिषद, श्रीडूंगरगढ़),
संपर्क: ☎️ 9636288181
साथ ही अभातेयुप नेत्रदान राज्य प्रभारी श्री रोशन नाहर (मो. 9314036206) का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ।
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तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ अनेकों समाज सेवा आयामों में सक्रिय है,इस नेत्रदान के माध्यम से दो व्यक्तियों को नई दृष्टि प्रदान होगी। रतनलाल जी गंग, मालजी तातेड़, दीपांशु जी तातेड़, परिवारजन,आदि समाजजन उपस्थित रहे।
तेरापंथ युवक परिषद, श्रीडूंगरगढ़ परिवार द्वारा इस दिव्य कार्य के लिए श्रद्धांजलि एवं परिवार को साधुवाद।


