,बीकानेर: बेटे ने कुल्हाड़ी से हमला कर पिता की हत्या की, गिरकर मरने की कहानी बनाकर दफना दिया गया शव — पुलिस ने खोदकर निकाला, आरोपी गिरफ्तार
बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक बेटे ने गुस्से में आकर अपने 78 वर्षीय बुजुर्ग पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। हत्या को छुपाने के लिए उसने परिजनों को झूठी कहानी सुनाई कि पिता अचानक गिर पड़े थे, जिससे उनके सिर में चोट आ गई और उनकी मौत हो गई। परिजन भी छोटे बेटे पर शक नहीं कर पाए और बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया।

लेकिन अगले ही दिन एक अज्ञात व्यक्ति के फोन ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। पुलिस ने जब घरवालों से बात की और हत्या की संभावना जताई, तब शव को जमीन से निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। मेडिकल बोर्ड की जांच में साफ हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सीधी-सादी हत्या है। इसके बाद आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया गया।
यह पूरा मामला 27 और 28 नवंबर का है, लेकिन घटनाओं के इतने पेचोखम मोड़ थे कि गांव से लेकर थाना क्षेत्र तक हर कोई हैरान है।
घटना का दिन: घर में अकेले थे पिता और बेटा
मामला बज्जू थाना क्षेत्र के गौडू गांव स्थित 6 MDM मोडायत माइनर ढाणी का है, जहां 78 वर्षीय गोपीराम बिश्नोई अपने सबसे छोटे बेटे योगराज के साथ रहा करते थे। परिवार के अन्य सदस्य—दो बड़े बेटे महेश और ख्यालीराम—ढाणी में ही अलग रहते हैं।
घर में उस वक्त पिता और बेटा ही मौजूद थे
27 नवंबर को घर पर सिर्फ गोपीराम और उनका छोटा बेटा योगराज थे। गोपीराम की पत्नी उस समय घर से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान पिता-पुत्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि योगराज ने गुस्से में आकर पास में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और पिता पर कई वार कर दिए।
कुल्हाड़ी के वार इतने तेज थे कि गर्दन कट गई
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, योगराज ने पिता के सिर, गर्दन, हाथ और पैरों पर कुल्हाड़ी से प्रहार किए। वार इतने गहरे थे कि गोपीराम की गर्दन तक कट गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि हमला बेहद क्रूर और जान लेने की नीयत से किया गया था।
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घटना के बाद: बेटे ने बनाई गिरकर मरने की कहानी
हत्या करने के बाद योगराज डर गया कि कहीं उसकी करतूत पकड़ में न आ जाए। इसलिए उसने तुरंत एक कहानी गढ़कर परिवार को बताया कि पिता घर में गिर पड़े थे और सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई।
परिजन बिना शक किए शव को दफना देते हैं
गोपीराम के बड़े बेटे ख्यालीराम ने पुलिस को दर्ज रिपोर्ट में बताया कि योगराज की बात उन सभी को सच लग रही थी। पिता बुजुर्ग थे, उम्रदराज लोगों में गिरने की घटनाएं आम होती हैं। इसी कारण किसी को भी शक नहीं हुआ कि यह हत्या हो सकती है।
परिवार ने उसी दिन गोपीराम का शव जमीन में दफना दिया।
अगले दिन आया पुलिस को फोन — “यह हत्या है”
28 नवंबर को बज्जू थाने में एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आता है। उसने बताया कि गोपीराम की मौत किसी दुर्घटना में नहीं हुई, बल्कि उनके बेटे ने उनकी हत्या की है। उसने यह भी कहा कि घटना के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
पुलिस सतर्क हुई, फिर परिवार से की बात
थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने परिवार वालों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उन्हें हत्या की सूचना मिली है। पुलिस ने यह भी कहा कि पिता के गिरकर मरने की बात संदिग्ध लग रही है।
परिवार को हुआ शक, फिर योगराज से पूछताछ की गई
पुलिस का फोन आते ही परिवार को भी शंका हुई। गोपीराम के बड़े बेटे ने छोटे भाई योगराज को बुलाया और उससे पूछताछ की। पहले तो वह बहाने बनाता रहा, लेकिन कुछ ही देर बाद टूट गया और उसने पिता की हत्या कबूल कर ली।
उसने कहा—
“पिता से झगड़ा हो गया था। गुस्से में मैंने कुल्हाड़ी मार दी।”
यह कबूलनामा सुनते ही परिवार भी हतप्रभ रह गया। योगराज इसके बाद घर से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने पकड़ा।
पुलिस ने शव निकलवाया और मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई
सूचना और स्वीकारोक्ति के बाद बज्जू पुलिस मौके पर पहुंची। चूंकि शव पहले ही दफनाया जा चुका था, इसलिए पुलिस ने दफन स्थान से शव निकलवाया और मेडिकल बोर्ड गठित कराकर पोस्टमॉर्टम करवाया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिली कई गंभीर चोटें
रिपोर्ट में यह बातें सामने आईं—
सिर और गर्दन पर गहरे कट
कुल्हाड़ी से किए गए कई वार
हाथ-पैर पर भी चोटें
गर्दन लगभग कट चुकी थी
किसी भी तरह गिरने के संकेत नहीं थे
यह निष्कर्ष साफ दिखाता है कि हत्या कुल्हाड़ी से ही की गई थी।
आरोपी योगराज की पृष्ठभूमि भी चौंकाने वाली
गांव में यह भी चर्चा है कि योगराज की पृष्ठभूमि सामान्य थी और वह बज्जू में ई-मित्र की दुकान चलाता था। वह अब तक अविवाहित था। परिवार में कुल 3 भाई और 5 बहनें हैं, जिनमें से एक बहन पुलिस विभाग में कार्यरत है।
पड़ोसी बताते हैं कि योगराज आमतौर पर गुस्सैल स्वभाव का था। पिता से उसका अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह हत्या जैसे कदम तक पहुंच जाएगा।
समाज में खलबली — पिता की हत्या ने लोगों को झकझोर दिया
बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रों में इस घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है। पिता की हत्या जैसे अपराध को न सिर्फ सामाजिक रूप से घृणित माना जाता है, बल्कि इसने इलाके में एक डर और सदमे का माहौल पैदा कर दिया है। लोग यह मानने को तैयार नहीं कि एक बेटा इतना क्रूर कदम उठा सकता है।
पुलिस कार्रवाई और मुकदमा दर्ज
बज्जू पुलिस ने पूरे मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी बेटे योगराज को हिरासत में ले लिया गया है। उससे घटना के कारणों, संदर्भों और हथियार के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे क्या बड़ा कारण था—
गुस्सा?
जमीन का विवाद?
पारिवारिक कलह?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस जल्द ही पूरा खुलासा करने की बात कह रही है।
इस घटना से जुड़े बड़े सवाल
क्या परिवार में पहले भी विवाद होते थे?
आरोपी ने हत्या के बाद झूठी कहानी क्यों बनाई?
पुलिस को फोन करने वाला अज्ञात व्यक्ति कौन था?
क्या यह बात किसी और ने योगराज को करते हुए सुनी थी?
ये सभी पहलू मामले को और अधिक दिलचस्प बनाते हैं और पुलिस जांच जारी है।
बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक बेटे ने गुस्से में आकर अपने 78 वर्षीय बुजुर्ग पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। हत्या को छुपाने के लिए उसने परिजनों को झूठी कहानी सुनाई कि पिता अचानक गिर पड़े थे, जिससे उनके सिर में चोट आ गई और उनकी मौत हो गई। परिजन भी छोटे बेटे पर शक नहीं कर पाए और बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया।
लेकिन अगले ही दिन एक अज्ञात व्यक्ति के फोन ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। पुलिस ने जब घरवालों से बात की और हत्या की संभावना जताई, तब शव को जमीन से निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। मेडिकल बोर्ड की जांच में साफ हो गया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सीधी-सादी हत्या है। इसके बाद आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया गया।
यह पूरा मामला 27 और 28 नवंबर का है, लेकिन घटनाओं के इतने पेचोखम मोड़ थे कि गांव से लेकर थाना क्षेत्र तक हर कोई हैरान है।
घटना का दिन: घर में अकेले थे पिता और बेटा
मामला बज्जू थाना क्षेत्र के गौडू गांव स्थित 6 MDM मोडायत माइनर ढाणी का है, जहां 78 वर्षीय गोपीराम बिश्नोई अपने सबसे छोटे बेटे योगराज के साथ रहा करते थे। परिवार के अन्य सदस्य—दो बड़े बेटे महेश और ख्यालीराम—ढाणी में ही अलग रहते हैं।
घर में उस वक्त पिता और बेटा ही मौजूद थे
27 नवंबर को घर पर सिर्फ गोपीराम और उनका छोटा बेटा योगराज थे। गोपीराम की पत्नी उस समय घर से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान पिता-पुत्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि योगराज ने गुस्से में आकर पास में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और पिता पर कई वार कर दिए।
कुल्हाड़ी के वार इतने तेज थे कि गर्दन कट गई
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, योगराज ने पिता के सिर, गर्दन, हाथ और पैरों पर कुल्हाड़ी से प्रहार किए। वार इतने गहरे थे कि गोपीराम की गर्दन तक कट गई। इससे साफ संकेत मिलता है कि हमला बेहद क्रूर और जान लेने की नीयत से किया गया था।
घटना के बाद: बेटे ने बनाई गिरकर मरने की कहानी
हत्या करने के बाद योगराज डर गया कि कहीं उसकी करतूत पकड़ में न आ जाए। इसलिए उसने तुरंत एक कहानी गढ़कर परिवार को बताया कि पिता घर में गिर पड़े थे और सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई।
परिजन बिना शक किए शव को दफना देते हैं
गोपीराम के बड़े बेटे ख्यालीराम ने पुलिस को दर्ज रिपोर्ट में बताया कि योगराज की बात उन सभी को सच लग रही थी। पिता बुजुर्ग थे, उम्रदराज लोगों में गिरने की घटनाएं आम होती हैं। इसी कारण किसी को भी शक नहीं हुआ कि यह हत्या हो सकती है।
परिवार ने उसी दिन गोपीराम का शव जमीन में दफना दिया।
अगले दिन आया पुलिस को फोन — “यह हत्या है”
28 नवंबर को बज्जू थाने में एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आता है। उसने बताया कि गोपीराम की मौत किसी दुर्घटना में नहीं हुई, बल्कि उनके बेटे ने उनकी हत्या की है। उसने यह भी कहा कि घटना के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ था।
पुलिस सतर्क हुई, फिर परिवार से की बात
थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने परिवार वालों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि उन्हें हत्या की सूचना मिली है। पुलिस ने यह भी कहा कि पिता के गिरकर मरने की बात संदिग्ध लग रही है।
परिवार को हुआ शक, फिर योगराज से पूछताछ की गई
पुलिस का फोन आते ही परिवार को भी शंका हुई। गोपीराम के बड़े बेटे ने छोटे भाई योगराज को बुलाया और उससे पूछताछ की। पहले तो वह बहाने बनाता रहा, लेकिन कुछ ही देर बाद टूट गया और उसने पिता की हत्या कबूल कर ली।
उसने कहा—
“पिता से झगड़ा हो गया था। गुस्से में मैंने कुल्हाड़ी मार दी।”
यह कबूलनामा सुनते ही परिवार भी हतप्रभ रह गया। योगराज इसके बाद घर से फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने पकड़ा।
पुलिस ने शव निकलवाया और मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई
सूचना और स्वीकारोक्ति के बाद बज्जू पुलिस मौके पर पहुंची। चूंकि शव पहले ही दफनाया जा चुका था, इसलिए पुलिस ने दफन स्थान से शव निकलवाया और मेडिकल बोर्ड गठित कराकर पोस्टमॉर्टम करवाया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिली कई गंभीर चोटें
रिपोर्ट में यह बातें सामने आईं—
सिर और गर्दन पर गहरे कट
कुल्हाड़ी से किए गए कई वार
हाथ-पैर पर भी चोटें
गर्दन लगभग कट चुकी थी
किसी भी तरह गिरने के संकेत नहीं थे
यह निष्कर्ष साफ दिखाता है कि हत्या कुल्हाड़ी से ही की गई थी।
आरोपी योगराज की पृष्ठभूमि भी चौंकाने वाली
गांव में यह भी चर्चा है कि योगराज की पृष्ठभूमि सामान्य थी और वह बज्जू में ई-मित्र की दुकान चलाता था। वह अब तक अविवाहित था। परिवार में कुल 3 भाई और 5 बहनें हैं, जिनमें से एक बहन पुलिस विभाग में कार्यरत है।
पड़ोसी बताते हैं कि योगराज आमतौर पर गुस्सैल स्वभाव का था। पिता से उसका अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह हत्या जैसे कदम तक पहुंच जाएगा।
समाज में खलबली — पिता की हत्या ने लोगों को झकझोर दिया
बीकानेर के ग्रामीण क्षेत्रों में इस घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया है। पिता की हत्या जैसे अपराध को न सिर्फ सामाजिक रूप से घृणित माना जाता है, बल्कि इसने इलाके में एक डर और सदमे का माहौल पैदा कर दिया है। लोग यह मानने को तैयार नहीं कि एक बेटा इतना क्रूर कदम उठा सकता है।
पुलिस कार्रवाई और मुकदमा दर्ज
बज्जू पुलिस ने पूरे मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी बेटे योगराज को हिरासत में ले लिया गया है। उससे घटना के कारणों, संदर्भों और हथियार के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे क्या बड़ा कारण था—
गुस्सा?
जमीन का विवाद?
पारिवारिक कलह?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस जल्द ही पूरा खुलासा करने की बात कह रही है।
इस घटना से जुड़े बड़े सवाल
क्या परिवार में पहले भी विवाद होते थे?
आरोपी ने हत्या के बाद झूठी कहानी क्यों बनाई?
पुलिस को फोन करने वाला अज्ञात व्यक्ति कौन था?
क्या यह बात किसी और ने योगराज को करते हुए सुनी थी?
ये सभी पहलू मामले को और अधिक दिलचस्प बनाते हैं और पुलिस जांच जारी है।


