नेत्रदान से अमर हुई करुणा और मानवता की ज्योति, भंवरलाल पारख ने दिया सेवा का अनुपम संदेश
श्रीडूंगरगढ़ निवासी भँवरलाल जी पारख पुत्र स्वर्गीय जयचन्दलाल जी पारख का दिनांक 07’फरवरी 2026 को स्वर्गवास हो गया। जीवन की अंतिम घड़ियों में उन्होंने नेत्रदान कर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गईं।


अनेक संस्थाओं मे अपना अमूल्य समय देकर सेवा करते हुय यह अपने नेत्रदान अमूल्य वरदान किया। परिजनों की सहमति से संपन्न हुआ यह नेत्रदान किसी दृष्टिहीन के जीवन में नई रोशनी, नई दृष्टि और नई आशा का संचार करेगा। यह पुण्य कार्य जैन धर्म की अहिंसा, करुणा एवं परोपकार की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करता है।
उल्लेखनीय है कि स्वर्गवास के बाद उनके पुत्रो एंव पोत्रो सहित परिवारजनों नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की थी, जो उनके दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक चेतना को दर्शाता है।

नेत्रदान हेतु सहमति प्रदान करने वाले परिवारजनों में प्रकाश जी पारख -विमला , मूलचन्द पारख – मधुदेवी पारख पुत्र पुत्रवधू अमित दिपक रौनक पारख एंव परिवारजन प्रमुख रहे। इस अवसर पर परिषद संयोजक अशोक झाबक के नेतुतव मे नेत्रदान का कार्य सम्पन हुआ समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जप अभ्यर्थना 2.0: 54 दिनों के अखंड जप में 13 हजार से अधिक तेरापंथी युवा एवं किशोर हुए सहभागी
कार्यक्रम में अध्यक्ष विक्रम मालू – राजश्री दूधेड़ीया ,अशोक बैद एडवोकेट राधेश्याम दर्जी , चन्द्रप्रकाश दूगड़ , सुनील राठी श्याम सोमानी जयदेवसिंह शेखावत संदीप मारू बबलू उपाध्याय मनोज झाबक मुकेशकुमार प्रजापत एडवोकेट सुनील जी माली कन्हैयालाल स्वामी भवानीशंकर सैनी दिपक सारस्वत भवानी सैनी सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं परिवारजन उपस्थित रहे|
नेत्रदान प्राणनाथ हॉस्पिटल सरदारशहर के भँवरलाल प्रजापत एंव दिनेश जी शर्मा ने संग्रह किये

तेरापंथ युवक परिषद् एवं तेरापंथ किशोर मंडल, श्रीडूंगरगढ़ ने इस अमूल्य वरदान और पुण्य कार्य की हृदय से अनुमोदना करते हुए समाज से नेत्रदान जैसे मानवीय कार्यों को अपनाने का भावपूर्ण आह्वान किया।
नेत्रदान से अमर हुई करुणा और मानवता की ज्योति, भंवरलाल पारख ने दिया सेवा का अनुपम संदेश


