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राजस्थान: ऐसी हैवानियत देखी नहीं होगी… 15 दिन के बच्चे के मुंह में पत्थर डाल होठों पर Fevi kwik से चिपकाया,

राजस्थान: ऐसी हैवानियत देखी नहीं होगी… 15 दिन के बच्चे के मुंह में पत्थर डाल होठों पर Fevi kwik से चिपकाया, नवजात की हालत क्रिटिकल

प्रदेश के भीलवाड़ा में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 15 दिन के मासूम के साथ भयावह अत्याचार देखने को मिला है। दरअसल बच्चे के मुंह में पत्थर ठूंसकर होंठ फेवीक्विक से चिपका दिए गए थे। बच्चा अब जिंदगी मौत से जूझ रही है।

भीलवाड़ा : राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नवजात बालक के मुंह में पत्थर डालकर फेवीक्विक चिपक कर फेंक देने की अमानवीय खबर मिली है। भीलवाड़ा के जिला अस्पताल की आईसीयू में भर्ती यह 15 से 20 दिन का नवजात जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा है। बताया जा रहा है कि नवजात को उसके माता -पिता ही जिंदगी और मौत से लड़ने के लिए छोड़ दिया है। बालक का उपचार जारी है। डॉक्टर का कहना है कि बालक के 72 घंटे क्रिटिकल है, जिसमें से 24 घंटे निकल चुके हैं। अगले 48 घंटे क्रिटिकल बने रहेंगे। बाल कल्याण समिति भीलवाड़ा ने इस बालक का नाम तेजस्व रखा है

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नवजात को हो रही है ये तकलीफें

मिली जानकारी के अनुसार, मुंह में फेविक्विक चिपका देने से बच्चे को सामान्य रूप से सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है शरीर में ऑक्सीजन की कमी और एक जंग पर गहरे घाव से इसको पीड़ा हो रही है। मिट्टी में काफी देर पड़े रहने से पूरे शरीर में संक्रमण फैल चुका है। भीलवाड़ा के सीता कुंड (मांडलगढ़) में 15 दिन के नवजात को तेज धूप में तपते पत्थरों के नीचे दबाने वाली तस्वीर में सबको हिला कर रख दिया है। इंसानियत को झकझोर देने वाली दागदार यह घटना पहली नहीं है।

जंगलों में पत्थरों के नीचे दबा मिला बच्चा

हॉस्पिटल अधीक्षक डॉक्टर अरुण गौड का कहना है कि विशेषज्ञ टीम के ऑब्जर्वेशन में मासूम को रखा हुआ हैं। यह बच्चा मांडलगढ़ के सीता कुंड गांव के जंगलों में पत्थरों के नीचे दबा मिले है। 15 दिन के मासूम के साथ हुए इस हृदय विदारक घटनाक्रम से हर किसी को हैरान कर दिया है। बाल कल्याण समिति के सदस्य विनोद राव का कहना है कि बाल कल्याण समिति लगातार जागरूकता का प्रयास कर रही है। उसके बावजूद को ऐसी घटनाएं रुक नही रही है।

शिशु रोग विभाग इंचार्ज डॉ. इंद्रा सिंह चौहान ने कहा कि शिशु की उम्र 15 से 20 दिन का है, जिसका वजन 3 किलो 100 ग्राम है। इसको बाहर झाड़ियों में फेंक दिया गया था, जिसके कारण उसके शरीर पर चोटों के निशान भी है। इसके साथ ही गर्म पत्थर पर फेंकने के कारण शरीर कईं जगहों से जल गया है। अभी उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

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