नई मनरेगा व्यवस्था के विरोध में लूणकरणसर में मनरेगा बचाओ संग्राम यात्रा, नाथूसर से तीसरे चरण के चौथे दिन हुई शुरुआत
लूणकरणसर, (श्रेयांस बैद):अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के अंतर्गत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई मनरेगा व्यवस्था के विरोध में मनरेगा संग्राम यात्रा के तीसरे चरण के चौथे दिन यात्रा की शुरुआत नाथूसर गांव की चौपाल से हुई।
इस यात्रा का नेतृत्व विधानसभा प्रत्याशी एवं पीसीसी महासचिव डॉ. राजेन्द्र मूँड ने किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लूणकरणसर द्वारा आयोजित इस यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों से गुवाड़ में संवाद कर नई मनरेगा नीति , केंद्र – राज्य सरकार की विफलता को रखा गया।


यह जनसंवाद यात्रा नाथूसर से प्रारंभ होकर ग़ारबदेसर, कुबीया, नकोदेसर, खापरसर, चांदसर, रांवासर एवं आडसर गांवों से होकर गुज़री।
गारबदेसर गांव में बस अड्डे से लेकर मुख्य गुवाड़ तक ढोल व डीजे के साथ ट्रैक्टर रेली निकाली, जिसमें सैंकड़ों की तादात में जनसैलाब उमड़ा। जनसंवाद कार्यकम में गांव-गांव आयोजित चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर, महिलाएं नौजवान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधानसभा प्रत्याशी,पीसीसी महासचिव डॉ. राजेन्द्र मूँड ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई मनरेगा व्यवस्था का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसमें रोजगार की “गारंटी” शब्द को ही समाप्त कर दिया गया है।
कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून था, जिसमें काम मांगने पर रोजगार देना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन नई व्यवस्था में इसे अधिकार से हटाकर सरकार की इच्छा और प्राथमिकताओं पर छोड़ दिया गया है।उन्होंने कहा कि यह बदलाव नीति और नीयत का बदलाव है, जिसका सीधा असर ग्रामीण गरीब, मजदूर और किसान पर पड़ेगा।
कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी सोच का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा केंद्र सरकार लोकलुभावनी बात के ज़रिए आम जनता की आर्थिक रीढ़ मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने का काम कर रही है ।
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बीकानेर देहात कांग्रेस जिला महासचिव महीपाल सारस्वत ने कहा कि नए मनरेगा कानून में फसल सीजन के दौरान 60 दिनों तक काम बंद रखने का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की निरंतरता को तोड़ता है और इससे पलायन को बढ़ावा मिलने की पूरी आशंका है।उन्होंने कहा कि यह कानून मजदूरों को ठेकेदारों और बाजार की ताकतों के भरोसे छोड़ देता है, जिससे उनकी मोलभाव करने की शक्ति समाप्त हो जाती है और वे तय बाजार मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर होते हैं।
सारस्वत ने कहा मनरेगा से ‘महात्मा गांधी’ का नाम हटाना और विकेंद्रीकरण को कमजोर करना,
गांधीवादी विचारधारा और ग्राम स्वराज की भावना का खुला उल्लंघन है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।पंचायत राज के नए परिसीमन में महाजन पंचायत समिति का गठन नहीं करना जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ है । भाजपा सरकार किसान विरोधी है ।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय गोदारा ने कहा कि नई मनरेगा व्यवस्था ग्रामीण समाज की मूल संरचना के खिलाफ है। गांवों से रोजगार छीने जाने का सीधा असर सामाजिक संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कानून के खिलाफ गांव-गांव जाकर जनता को जागरूक करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इस मनरेगा बचाओ संग्राम7 जनसंवाद यात्रा को ब्लॉक प्रवक्ता बंशी हुड्डा, जिला देहात कांग्रेस सचिव ख्यालीराम सुथार, रामप्रताप सियाग, पूर्व सरपंच दुर्गाराम चोटिया, बाबू सिंह दहिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य डालूराम सारण सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर कालू मंडल अध्यक्ष पृथ्वीराज मेघवाल, पूर्व सरपंच सुरजाराम गोदारा, डेलाणा मंडल अध्यक्ष आत्माराम पूनिया, मंडल संगठन महामंत्री कल्याणदान चारण, बंशी7 पुरोहित,जगदीश शर्मा, हुणताराम मेघवाल, पूनमचंद नेण, किशनाराम नायक, मालाराम मूंड, रतनलाल बांठिया, भूपराम डेलु, गणेशाराम सारस्वत, सोशल मीडिया प्रभारी गणपत चोटिया, शीशपालसिंह भाटी, जयपाल बिश्नोई, कालुसिंह भाटी,
सोहनसिंह भाटी, नारायण नायक, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष विकास चौधरी, हुणताराम प्रजापत , युवा कांग्रेस पूर्व जिला महासचिव प्रभु गोदारा, सोहनदास स्वामी, नंदराम गाट, जगदीशदास स्वामी, प्रभुराम गाट, चेतनराम मेघवाल, जसवीर गोदारा, पूर्णाराम गोदारा, मनोज सहु, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
नई मनरेगा व्यवस्था के विरोध में लूणकरणसर में मनरेगा बचाओ संग्राम यात्रा, नाथूसर से तीसरे चरण के चौथे दिन हुई शुरुआत


