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Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

Ganganagar:गाजर उत्पादन और कृषि व्यापार के लिए पहचाने जाने वाले Ganganagar जिले की साधुवाली गाजर मंडी इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। यहां की निर्माणाधीन गाजर मंडी के चारों ओर प्रस्तावित 3 किलोमीटर लंबी दीवार ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी आवाज नहीं सुनी गई, तो 5 December को होने वाली मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जनसभा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा।

इस विवाद ने अचानक तूल तब पकड़ा, जब मंगलवार से दो किसानों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ सड़क की नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और अस्तित्व की लड़ाई है।

विवाद की जड़: 3 KM लंबी दीवार और रास्ता बंद होने का खतरा

किसानों के अनुसार, गाजर मंडी प्रशासन मंडी की सुरक्षा को मजबूत करने के नाम पर चारों ओर एक 3 किलोमीटर लंबी ऊँची दीवार बनाने की तैयारी में है। आरोप है कि—

यह दीवार 40 ढाणियों के मुख्य रास्ते को पूरी तरह बंद कर देगी

लगभग 70 परिवारों का नियमित आवागमन बाधित हो जाएगा

करीब 500 लोग सीधे प्रभावित होंगे

किसानों ने बताया कि यह रास्ता दशकों से उनके लिए—

खेतों तक जाने

बच्चों के स्कूल पहुँचने

मरीजों को अस्पताल ले जाने

पशुओं की देखभाल

दैनिक व्यापार

का मुख्य मार्ग रहा है।

यदि यह दीवार बन जाती है, तो उन्हें मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए 10–15 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा, जिसे किसान “व्यावहारिक रूप से असंभव” बता रहे हैं।

किसानों का आरोप: “प्रशासन सुनने को तैयार नहीं”

किसान नेता अमरसिंह बिश्नोई ने बताया कि वे कई महीनों से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा—

> “हमने जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी से लेकर कृषि उपज मंडी समिति तक हर जगह गुहार लगाई।

लेकिन हमें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।

प्रशासन 5 December से पहले रास्ता बंद करने पर अड़ा है, इसलिए हमें भूख हड़ताल करनी पड़ी।”

किसानों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ एकतरफा निर्णय ले रहा है और ग्रामीणों की मुश्किलों को समझने की कोशिश भी नहीं कर रहा।

भूख हड़ताल से बढ़ा तनाव

मंगलवार सुबह साधुवाली में दो किसानों ने धरने के बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शन स्थल पर ग्रामीण, महिलाएँ, युवा और किसान लगातार जुट रहे हैं।

हड़ताल पर बैठे किसान बोले—

> “जब तक रास्ता खुला रखने की लिखित गारंटी नहीं मिलती, हम आंदोलन जारी रखेंगे।”

इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है।

Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

किसानों का अल्टीमेटम: “5 December को CM की सभा में उग्र विरोध”

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 5 December को इसी गाजर मंडी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने आ रहे हैं।

किसानों ने खुला अल्टीमेटम दिया है—

“अगर CM के आने से पहले रास्ता नहीं खोला गया, तो हम शांत नहीं बैठेंगे।”

किसानों ने कहा कि वे—

काली पट्टी पहनकर प्रदर्शन

सभा में विरोध पोस्टर दिखाना

सभा स्थल की ओर कूच

जैसे कदम उठा सकते हैं।

यह चेतावनी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।

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स्थानीय लोगों का दर्द: “हमारा जीवन ठहर जाएगा”

गाजर मंडी से जुड़े रास्ते का महत्व सिर्फ किसानों के लिए नहीं, बल्कि पूरे साधुवाली क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बेहद अहम है।

स्थानीय निवासी बताते हैं—

स्कूली बच्चे

दीवार बन जाने पर स्कूल की दूरी 3 किमी से बढ़कर 15 किमी हो जाएगी।

मरीज

एम्बुलेंस के लिए मार्ग बढ़ने से जीवन जोखिम में पड़ सकता है।

किसान

खेतों तक पहुँचने, कृषि मशीनरी लाने-ले जाने में भारी दिक्कत होगी।

महिलाएँ

पानी, राशन और दवाइयों के लिए मुख्य सड़क तक पहुँचने में अत्यधिक समय लगेगा।

एक बुजुर्ग किसान ने कहा—

“यह सिर्फ दीवार नहीं, यह हमारी जिंदगी पर दीवार है।”

Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि—

मंडी प्रशासन बिना चर्चा के निर्णय ले रहा है

जनप्रतिनिधि भी चुप हैं

अब तक कोई समाधान प्रस्ताव नहीं मिला

भूख हड़ताल शुरू होने के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचे

कई किसानों ने कहा कि यह समस्या अचानक नहीं आई, बल्कि कई महीनों से उठाई जा रही है। लेकिन “पूर्ण अनदेखी” के कारण आंदोलन तेज करना पड़ा।

राजनीतिक तापमान बढ़ा – आंदोलन को मिल रहा समर्थन

गाजर मंडी का मुद्दा सिर्फ ग्रामीणों का नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने भी इस पर सक्रियता दिखाना शुरू कर दिया है।

स्थानीय किसान संगठनों ने कहा है—

यह संघर्ष सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे श्रीगंगानगर में किसान अधिकारों का मुद्दा है

प्रशासन को किसानों और ग्रामीणों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए

क्या है किसानों की मुख्य मांग?

किसान केवल एक बात चाहते हैं—

“रास्ता किसी भी हालत में बंद न किया जाए।”

उन्होंने प्रशासन से 3 मुख्य मांगें रखी हैं—

1. दीवार का निर्माण पहले रोका जाए

2. पुराना रास्ता वैसा ही खुला रखा जाए

3. नया प्लान बनने से पहले ग्रामीणों से चर्चा की जाए

अब नज़रें प्रशासन और सरकार पर

5 December के मुख्यमंत्री दौरे से पहले यह मामला बड़ी परीक्षा बन गया है।

3 संभावनाएँ उभरती दिख रही हैं—

✔ प्रशासन रास्ता खोलने का लिखित आश्वासन दे

✔ आंदोलन और अधिक तेज हो

✔ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विवाद उभर जाए

किसानों का कहना है कि वे समाधान चाहते हैं, संघर्ष नहीं। लेकिन यदि मजबूर किया गया, तो आंदोलन उग्र हो सकता है

Ganganagar Farmers Protest: 5 December Rally से पहले गाजर मंडी रोड विवाद पर महा-संग्राम

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