इंदौर में सरदारशहर के 8 लोगों की जिन्दा जलने से मौत, कार बनी मौत का कारण, जानें कैसे इलेक्ट्रिक कार बन गई मौत की वजह
इंदौर में कार चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट के चलते हुआ ब्लास्ट, घर में आग लगने से 8 लोगों की मौत, कई सिलेंडर फटे।
मरने वालों में 6 लोग सरदारशहर के बताये जा रहे है, सरदारशहर में इनका मकान कच्चा बस स्टैंड के पास बताया जा रहा है

इंदौर: बृजेश्वरी इलाके से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई है। आग इतनी भीषण थी की परिवार के सदस्य बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए।
बताया जा रहा है कि कार चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट के चलते घटना घटी है। जिसने घटना की वजह बनी इलेक्ट्रिक चार्जिंग और चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने फिर पूरे इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल सेक्टर पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इधर, इस घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने के साथ ही पूरी घटना की विशेषज्ञ से जांच कराने के आदेश दिए हैं।
इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुआ हादसा
इंदौर के बृजेश्वरी इलाके में हुए अग्निकांड से 8 लोगों की मौत हो गई. इसकी वजह इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुए शार्ट सर्किट को बताया गया है। जब कार चार्जिंग हो रही थी तभी रात 3:30 इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ और इससे कार समेत चार्जर और इलेक्ट्रिक सर्विस लाइन भी जलने लगी।
धीरे-धीरे कार की आग ने मकान नंबर 67 बृजेश्वरी एनेक्स में रहने वाले विजय सेठिया और सौरभ पुगलिया परिवार के कई लोगों के अलावा पूरी तीन मंजिला बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया।
जिंदा जल गए 8 लोग
इसके बाद घर में रखी करीब 15 एलपीजी गैस की टंकियों ने भी आग पकड़ ली। एलपीजी की टंकी में ब्लास्ट होने से पुगलिया परिवार के 8 लोग आग से घिर गए। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने घर के बाहर निकलने का प्रयास किया लेकिन लाइट बंद होने से घर के इलेक्ट्रिक लॉक नहीं खुल पाए, जिसकी वजह से घर के सदस्य बाहर नहीं निकल पाए।
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जिससे घर में ही 65 साल के विजय सेठिया, 22 साल के छोटू सेठिया, सुमन 60 वर्ष, सिमरन 30 वर्ष, राशि सेठिया 12 वर्ष सहित दो अन्य की मौत हो गई। जबकि दो लोगों को गंभीर रूप से जलने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जो तीन लोग इस घटना में बच गए उन्हें पड़ोसियों ने किसी तरह पीछे की ग्रिल तोड़कर सीढ़ी के जरिए नीचे उतारा। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने फिलहाल 8 लोगों की मौत की पुष्टि की है। परिवार के 2 अन्य लोगों को फायर ब्रिगेड और बचाव दल ने अस्पताल पहुंचाया जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मध्य प्रदेश सरकार बनाएगी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर
इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने पूरी घटना की एक्सपर्ट कमेटी से जांच करने के आदेश दिए हैं. घटनास्थल पर पहुंचे राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इलेक्ट्रिक कार और टू व्हीलर की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ”इलेक्ट्रिक कार की केबल सब स्टैंडर्ड थी या चार्जिंग में कोई गड़बड़ी थी इसकी जांच विशेषज्ञों की समिति करेगी। जिस इलेक्ट्रिक कार के कारण हादसा हुआ उसने इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।’
आज के समय में सब लोग सोचते हैं कि इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदेंगे क्योंकि एलपीजी गैस डीजल पेट्रोल को लेकर विश्व भर में अनिश्चय की स्थिति है कि कब क्या हो जाए। ऐसे में इलेक्ट्रिक कार से भीषण अग्निकांड होना अलार्मिंग है। उन्होंने कहा, “पूरे ईवी वाले कहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन सुरक्षित हैं लेकिन इस घटना के बाद पता लगाएंगे की वास्तविकता क्या है।
कार हो या मोबाइल ओवरचार्जिंग खतरनाक
इंदौर के अग्निकांड में इलेक्ट्रिक कार को पूरी रात के लिए चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया गया। पास में ही इलेक्ट्रिक पोल और सर्विस लाइन होने के कारण अग्निकांड हुआ। इस मामले में विजयवर्गीय ने कहा, ”मोबाइल को भी ओवरचार्ज करना खतरनाक है। इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों में चार्जिंग के बाद एक अलार्म बजे इस तरह की व्यवस्था होना चाहिए, जिससे कि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।’
दोनों और खड़ी होती हैं गाड़ियां
इस अग्निकांड के बाद इंदौर में सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ियां रखने की स्थिति में फायर ब्रिगेड और अन्य बड़े वाहन नहीं निकल पाने पर भी चिंता जताई जा रही है। रहवासी सड़क पर दोनों तरफ अपनी कार पार्क कर देते हैं, जिससे इमरजेंसी में फायर ब्रिगेड तक नहीं निकल पाती, इसके लिए क्षेत्र के रहवासी संघ और नगर निगम को विचार करना पड़ेगा।
2022 में हुआ था अग्निकांड, 7 लोगों की मौत
गौरतलब है कि, 7 मई 2022 को इंदौर के स्वर्ण बाग कॉलोनी इलाके में इसी तरह हुए भीषण अग्निकांड में दो महिलाओं समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें पांच अन्य लोग आग से झुलस गए थे।
उस दौरान भी फायर ब्रिगेड समय रहते घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई थी. क्योंकि सड़क पर दोनों और वहां खड़े होने और फायर ब्रिगेड के मौके तक नहीं पहुंच पाने के कारण समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका था।

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