8 साल की बच्ची से दुष्कर्म पर कार्रवाई की मांग
बीकाने जिले में एक मासूम बच्ची के साथ हुए कथित दुष्कर्म के मामले को लेकर क्षेत्र में गहरा आक्रोश फैल गया है। सामाजिक संगठन हिंदू क्रांति सेना ने इस घटना को गंभीर अपराध बताते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि मामले की जांच POCSO एक्ट के तहत करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराज़गी देखी जा रही है और समाज के विभिन्न वर्गों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।
📄 पुलिस को सौंपा गया ज्ञापन
हिंदू क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने थाने में लिखित शिकायत देकर बताया कि क्षेत्र में एक लगभग 8 वर्षीय बच्ची के साथ गंभीर अपराध होने की सूचना मिली है। ज्ञापन में इस घटना को अमानवीय और समाज को झकझोर देने वाली घटना बताया गया है।
संगठन का कहना है कि इस प्रकार के अपराधों पर यदि तुरंत और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो अपराधियों के हौसले बढ़ सकते हैं।

⚖️ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस मामले की जांच POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act के तहत की जाए। यह कानून बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर कठोर सजा का प्रावधान करता है।
संगठन ने कहा कि यदि आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें ऐसी सजा दी जाए जो समाज में एक कड़ा संदेश दे सके।
👮♂️ पुलिस प्रशासन से रखी गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में पुलिस के सामने निम्न मांगें रखी गईं:
आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए
मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए
क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाए

🧒 बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद एक बार फिर बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सख्ती से लागू करना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ अपराध रोकने के लिए परिवार, स्कूल, समाज और प्रशासन — सभी को मिलकर काम करना होगा।
🏫 स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि स्कूलों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। कई बार बच्चे स्कूल आने-जाने के दौरान असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे में CCTV कैमरे, महिला पुलिस गश्त और स्थानीय निगरानी समितियों की व्यवस्था आवश्यक बताई गई है।
🗣️ समाज में गुस्सा और चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज को शर्मसार करती हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
🧾 हस्ताक्षर कर सौंपा गया समर्थन पत्र
ज्ञापन के साथ कई लोगों ने हस्ताक्षर कर इस मांग का समर्थन किया। जिसमे सतीश सारस्वत आनंद जोशी श्याम गिरी शौकीन विशाल दीपक हिंदू रमाकांत झंवर, पवन प्रजापत बनवारी पारीक मनीष दादा मुरारी अशोक गिरी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और संगठन के सदस्य शामिल थे। सभी ने बच्चों के खिलाफ अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग की।
📢 संगठन की चेतावनी
हिंदू क्रांति सेना के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि मामले में ढिलाई बरती गई तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से कानून के तहत तुरंत कार्रवाई करने की अपील की।
⚠️ कानून क्या कहता है?
POCSO एक्ट के तहत नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर कठोर सजा का प्रावधान है। इस कानून में त्वरित सुनवाई, पीड़ित की पहचान गोपनीय रखने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के विशेष प्रावधान शामिल हैं।
🤝 समाज की भी है जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी। अभिभावकों को बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी देनी चाहिए, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देनी चाहिए।
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