किसानों और व्यापरीयों के लिए बड़ी खबर, इंडोनेशिया ने मूंगफली निर्यात को दी स्वीकृति
इंडोनेशियाई क्वारंटाइन प्राधिकरण (IQA) ने भारत से मूंगफली के निर्यात को पुनः शुरू करने के लिए सहमति दी है। यह निर्णय उनके द्वारा मूंगफली की खेती (फार्म), प्रोसेसिंग यूनिट, मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं और बंदरगाहों का निरीक्षण करने तथा मूंगफली और मूंगफली उत्पादों के संशोधित निर्यात प्रक्रिया की समीक्षा करने के बाद लिया गया है।
इससे पहले इंडोनेशिया सरकार ने भारत से मूंगफली के आयात पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन अब अनुमति मिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है

पुनः बहाली (Reinstatement) उन विशेष शर्तों/मापदंडों के अनुपालन पर आधारित है, जिनका पालन प्रत्येक मूंगफली की खेप (Consignment) को करना होगा (इन शर्तों को Annex-I में संलग्न किया गया है)।
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हालांकि ये शर्तें APEDA की निर्यात प्रक्रिया का हिस्सा हैं, फिर भी निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इनका पालन करें, क्योंकि इंडोनेशिया में आगमन पर होने वाली जोखिम-आधारित जांच (Risk-based inspection) की आवृत्ति (frequency) प्रारंभिक अवधि के दौरान उनके अनुपालन पर निर्भर करेगी। यह भी सहमति हुई है कि यदि किसी भी खेप में अनुपालन न पाया गया, तो संबंधित निर्यातक को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा और वह इंडोनेशिया को निर्यात के लिए अयोग्य हो जाएगा।

भारत से इंडोनेशिया को हर साल करीब 2.25 लाख टन मूंगफली जाती है, जिसका बड़ा हिस्सा राजस्थान, खासकर बीकानेर जिले से निर्यात होता है। यह वही मूंगफली है जो अपने मीठे स्वाद और बड़े दाने के लिए विदेशी बाजारों में लोकप्रिय है। बीकानेर में इस वर्ष 2.90 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बुआई की गई है। कृषि विभाग के मुताबिक, 8.70 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है।
क्या है एफ्लाटॉक्सिन
एफ्लाटॉक्सिनएफ्लाटॉक्सिन एक विषैला यौगिक है जो मूंगफली में नमी और गलत भंडारण के कारण बनता है। यह फफूंद से उत्पन्न होता है। यह लीवर कैंसर, पाचन विकार और इम्यून सिस्टम कमजोर करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
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