बालिका स्वाध्याय निःशुल्क लाइब्रेरी: बेटियों की शिक्षा और Digital भविष्य की पहल
श्री डूंगरगढ़ क्षेत्र में संचालित बालिका स्वाध्याय निःशुल्क लाइब्रेरी आज उन बेटियों के लिए एक सशक्त अध्ययन-केंद्र बन चुकी है जो अपने सपनों को पंख देना चाहती हैं और उच्च शिक्षा सहित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती हैं।
यह लाइब्रेरी न सिर्फ शिक्षा बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और संसाधनों की उपलब्धता का एक नया मानक स्थापित कर रही है।

लाइब्रेरी — 50 बेटियों के लिए मजबूत अध्ययन सुविधा
आज यहाँ 50 से अधिक जरूरतमंद बालिकाएँ रोजाना नियमित रूप से अध्ययन कर रही हैं।
लाइब्रेरी उन्हें एक शांत, सुरक्षित, साफ-सुथरा और वातानुकूलित वातावरण प्रदान करती है, जो ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की बेटियों के लिए दुर्लभ सुविधा है।
यहां उपलब्ध प्रमुख सुविधाएँ:
विशाल पुस्तक संग्रह
हाई-स्पीड वाई-फाई
CCTV सुरक्षा
करियर काउंसलिंग
परीक्षा मार्गदर्शन
शांत वातावरण
पूरी तरह निःशुल्क प्रवेश
इनके कारण यह लाइब्रेरी क्षेत्र में एक अनोखी और प्रेरक पहल बन चुकी है।

“बेटियाँ पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी” — नारे को सार्थक करती पहल
संस्था के निदेशक योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा और व्यवस्थापक हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि यह लाइब्रेरी उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक मिशन है।
उनका मानना है कि:
> “एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार और समाज को आगे बढ़ाती है। इसलिए यह लाइब्रेरी सिर्फ अध्ययन स्थान नहीं, बल्कि बेटी-शिक्षा का आंदोलन है।”
जन-सहयोग से चल रही है यह अनोखी विद्यादान यात्रा
यह लाइब्रेरी किसी सरकारी सहायता से नहीं, बल्कि सिर्फ आमजन के सहयोग और स्नेह से चल रही है।
क्षेत्र के दानदाता, भामाशाह, समाजसेवी और शिक्षा-प्रेमी लगातार अपनी इच्छा से पुस्तकों, फर्नीचर, स्टेशनरी और आर्थिक रूप में सहयोग करते आए हैं।

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डिजिटल शिक्षा — समय की सबसे बड़ी ज़रूरत
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब लगभग 80% ऑनलाइन माध्यम से होती है।
आज की बच्चियों को:
ऑनलाइन क्लास
वीडियो लेक्चर
ई-बुक
डिजिटल नोट्स
ऑडियो-विजुअल स्टडी
सबकी आवश्यकता होती है।
और इसलिए अब लाइब्रेरी को आगे बढ़ाने के लिए ‘डिजिटल शिक्षा विस्तार’ अगला कदम है।
इसके लिए तुरंत आवश्यक — 10 कंप्यूटर और 1 डिजिटल बोर्ड
लाइब्रेरी प्रबंधन का लक्ष्य है कि बेटियाँ डिजिटल युग के हर अवसर से जुड़ें।

इसके लिए संस्था को 10 कंप्यूटर और 1 डिजिटल बोर्ड की अत्यंत आवश्यकता है।
इनसे:
बेटियाँ ऑनलाइन क्लास कर सकेंगी
डिजिटल कंटेंट समझ पाएँगी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर होगी
ग्रामीण बालिकाएँ तकनीक से जुड़ेंगी
उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ेगा
संस्था की चेयरमैन और संरक्षक की अपील
चेयरमैन श्रीमती मंजू देवी और संरक्षक गोपाल राठी ने भामाशाहों और समाजसेवियों से विनम्र अपील करते हुए कहा—
> “आपका छोटा सा सहयोग भी किसी बेटी के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। आइए, बेटियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर मजबूत भविष्य दें।”
आप कैसे मदद कर सकते हैं?
आप निम्न प्रकार से सहयोग दे सकते हैं:
कंप्यूटर दान करना
डिजिटल बोर्ड उपलब्ध करवाना
आर्थिक सहायता देना
पुस्तकें / फर्नीचर / स्टेशनरी देना
बेटियों की पढ़ाई में प्रायोजक बनना
आपका सहयोग इन बेटियों के सपनों को नई दिशा देगा।
📞 संपर्क करें (सहयोग हेतु):
👉 निदेशक: 9799436775
👉 व्यवस्थापक: 9694294916
बालिका स्वाध्याय निःशुल्क लाइब्रेरी: बेटियों की शिक्षा और Digital भविष्य की पहल


