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विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

बीकानेर (श्रेयांस बैद):विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर बीकानेर पीडियाट्रिक सोसाइटी एवं शिशु रोग विभाग, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में विभागीय सेमिनार कक्ष में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिव्या ने डाउन सिंड्रोम विषय पर वैज्ञानिक, विस्तृत एवं जानकारीपूर्ण प्रस्तुति दी।

विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. जी.एस. तंवर ने बताया कि डाउन सिंड्रोम विश्वभर में लगभग प्रत्येक 700 जीवित जन्मों में एक बच्चे में पाया जाने वाला सबसे सामान्य क्रोमोसोमल विकार है।

इसमें 21वें क्रोमोसोम की अतिरिक्त प्रति (ट्राइसोमी-21) होने के कारण विशिष्ट शारीरिक लक्षण, बहु-अंगों की संलिप्तता एवं न्यूरो-विकासात्मक विलंब देखा जाता है। ऐसे बच्चों में श्वसन, हृदय, थायरॉयड, श्रवण एवं दृष्टि संबंधी समस्याओं के साथ कुछ जठरांत्रीय विकारों की संभावना भी अधिक रहती है।

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उन्होंने बताया कि मातृ आयु का अधिक होना इस रोग का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। वर्तमान में गर्भावस्था के दौरान कुछ विशेष रक्त परीक्षण एवं भ्रूण की अल्ट्रासोनोग्राफी के माध्यम से प्रसव पूर्व निदान की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिससे समय रहते उचित परामर्श एवं प्रबंधन संभव हो पाता है।

डॉ. तंवर ने यह भी बताया कि चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के कारण इन बच्चों की जीवन प्रत्याशा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब वे वयस्क जीवन तक बेहतर गुणवत्ता के साथ पहुँच रहे हैं। हालांकि इनमें प्रारंभिक आयु में डिमेंशिया एवं कुछ रक्त संबंधी कैंसर का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है।

उन्होंने समाज से अपील की कि इन बच्चों के प्रति प्रेम, संवेदनशीलता एवं सहयोग का भाव रखा जाए, क्योंकि उचित देखभाल एवं प्रोत्साहन से वे अपने विकासात्मक मील के पत्थर प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. मुकेश बेनीवाल एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सारिका स्वामी ने भी विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

संगोष्ठी में लगभग 40 रेजिडेंट एवं वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य डाउन सिंड्रोम के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रभावित बच्चों के समग्र विकास के लिए सकारात्मक सामाजिक वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

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