अलवर की प्रो. डॉ. ममता शर्मा ने ग्वालियर राष्ट्रीय सेमिनार में कीटनाशकों के बहिष्कार की दिलाई शपथ
ग्वालियर (श्रेयांस बैद):पर्यावरण संकट के दौर में वैज्ञानिक जगत की एक प्रमुख आवाज के रूप में उभरीं अलवर की प्रो. डॉ. ममता शर्मा ने एसएमएस सरकारी मॉडल कॉलेज, ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार ‘पर्यावरण एवं तनाव: अंतर्क्रियाएं, प्रभाव एवं समाधान’ (20-21 फरवरी 2026 ) में राजस्थान का गौरवान्वित प्रतिनिधित्व किया।
जूलॉजी एवं पर्यावरण विष विज्ञान की विशेषज्ञ डॉ. शर्मा ने कीटनाशकों के जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले भयावह प्रभावों पर अपना मार्मिक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसने प्रतिभागियों को गहरी चिंता में डुबो दिया।


सेमिनार में देश के विभिन्न हिस्सों से आए शोधकर्ता, वैज्ञानिक और छात्रों ने पर्यावरणीय तनावों जैसे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और रासायनिक संदूषण पर विचार-विमर्श किया।
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कीटनाशक प्रदूषण प्रकृति को बुरी तरह चोट पहुंचा रहा है। पक्षियों, कीटों और मिट्टी की जैव विविधता नष्ट हो रही है,जो अंततः मानव जीवन को खतरे में डाल रहा है। हमें तत्काल कार्रवाई करनी होगी।”
तीन गुना सम्मान का क्षण
डॉ. शर्मा को इस सेमिनार में तीन गुना सम्मान प्राप्त हुआ।
वे तकनीकी सत्र की अधिष्ठाता रहीं, जहां उन्होंने जटिल शोध पत्रों पर गहन चर्चा का संचालन किया। इसके अलावा, पोस्टर पेपर प्रस्तुतिकाओं के निर्णायक मंडल में उनकी भूमिका सराहनीय रही।
युवा शोधकर्ताओं से विचारों का आदान-प्रदान करते हुए उन्होंने कई छात्रों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित किया।
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शपथ का ऐतिहासिक क्षण
सेमिनार का सबसे यादगार पल तब आया जब डॉ. शर्मा ने समस्त प्रतिभागियों को एकजुट होकर कीटनाशकों का पूर्ण एवं स्थायी बहिष्कार करने की शपथ दिलाई। सभागार में गूंजे नारों और संकल्पों ने पर्यावरण जागरूकता का संदेश दूर-दूर तक पहुंचाया।
राज रिषि स्वायत्त महाविद्यालय, अलवार में कार्यरत डॉ. शर्मा पर्यावरण विष विज्ञान, पक्षी संरक्षण और कीटनाशक प्रदूषण पर अग्रणी शोधकर्ता हैं।
उन्होंने अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया है तथा शैक्षणिक पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। सेमिनार संयोजक एवं जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. डीके शर्मा ने डॉ. ममता शर्मा को यह सुनहरा अवसर प्रदान करने पर हार्दिक धन्यवाद दिया।

यह सेमिनार न केवल वैज्ञानिक चर्चा का मंच बना, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस संकल्प लेने का प्रतीक भी।
डॉ. शर्मा का योगदान राजस्थान के शैक्षणिक और पर्यावरणीय क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
अलवर की प्रो. डॉ. ममता शर्मा ने ग्वालियर राष्ट्रीय सेमिनार में कीटनाशकों के बहिष्कार की दिलाई शपथ


