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भव्य आयोजन: स्वदेशी और स्वावलंबन की मशाल! श्री डूंगरगढ़ में राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि पर विराट योग एवं आयुर्वेद संगोष्ठी

भव्य आयोजन: स्वदेशी और स्वावलंबन की मशाल! श्री डूंगरगढ़ में राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि पर विराट योग एवं आयुर्वेद संगोष्ठी
🌟 भव्य आयोजन: स्वदेशी और स्वावलंबन की मशाल! श्री डूंगरगढ़ में राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि पर विराट योग एवं आयुर्वेद संगोष्ठी 🌿

श्री डूंगरगढ़। महान विचारक और स्वदेशी-स्वावलंबन आंदोलन के प्रणेता, राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि के अवसर पर, श्री डूंगरगढ़ में एक भव्य और प्रेरणादायी योग एवं आयुर्वेद संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 30 नवंबर 2025 को सिंधी कॉलोनी स्थित सिंधी पार्क में प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक होगा।

यह शिविर सिर्फ श्रद्धांजलि सभा नहीं है, बल्कि यह देश के महापुरुषों – जिनमें वाग्भट ऋषि, महर्षि पतंजलि, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, उधम सिंह, रामप्रसाद बिस्मिल, एपीजे अब्दुल कलाम, और लाल बहादुर शास्त्री शामिल हैं – के दिखाए गए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

🧘‍♂️ योग, आयुर्वेद और स्वदेशी का संगम

इस पुण्यतिथि समारोह का शुभारंभ राजीव भाई दीक्षित को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य है:

स्वदेशी को अपनाना: जीवन के हर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों और विचारों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा देना।

योग एवं आयुर्वेद का महत्व: जीवन में योग और आयुर्वेद की शक्ति को पहचानना और उसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना।

स्वास्थ्य का उपहार: सर्दियों के लिए अतिउपयोगी आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जाएगा, जो स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।

शिविर में नियमित रूप से किए जाने वाले योग आसनों का अभ्यास भी करवाया जाएगा, जिससे उपस्थित नागरिक तुरंत स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकें।

🔥 युवा शक्ति के प्रयास

इस महान कार्य को सफल बनाने के लिए श्री डूंगरगढ़ की एक समर्पित युवा टोली सक्रिय है। योग शिक्षक किशन शर्मा, बलराम बेनीवाल, अन्नाराम सारण, माधव मित्तल और कालूराम मंडा तैयारियों में जुटे हैं।

भव्य आयोजन: स्वदेशी और स्वावलंबन की मशाल! श्री डूंगरगढ़ में राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि पर विराट योग एवं आयुर्वेद संगोष्ठी

आयोजको ने बताया कि राजीव भाई दीक्षित के विचारों का समाज पर गहरा प्रभाव है। यह प्रयास उनकी विचारधारा, जो स्वदेशी, स्वास्थ्य और गुलामी की मानसिकता से आजादी पर केंद्रित है, को जन-जन तक पहुँचाने के लिए किया जा रहा है।

राजीव भाई दीक्षित का स्पष्ट संदेश था: “मैं भारत को भारतीयता की मान्यता के आधार पर फिर से खड़ा करना चाहता हूँ, उस काम में लगा हूँ। मैं उन्हीं लोगों को गुलामी की मानसिकता से आजादी दिलवा सकता हूँ, जो अपने आप को गुलाम समझते हैं।”

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इस कार्यक्रम में विभिन्न छात्रावासों और संस्थाओं के नागरिक शामिल होंगे।

🙏 आयोजकों ने श्री डूंगरगढ़ के सभी नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे इस प्रेरणादायी शिविर में बड़ी संख्या में भाग लें और स्वास्थ्य, स्वावलंबन तथा स्वदेशी के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।

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